मोतियाबिंद का इलाज | Motiyabind Ka Ilaj In Hindi

- May 01, 2017
मोतियाबिंद का इलाज इन हिंदी: एक जमाना था तब मोतियाबिंद का इलाज 60 की उम्र के बाद करना पड़ता था, और आज मोतियाबिंद किसे हो जाये इसका पता ही नहीं चलता। बढ़ते प्रदूषण और सूरज की ultra violet rays की वजह से हमारी आँखों में ऐसी परेशानियां आ रहीं हैं। समय रहते हमें इनपर ध्यान देना होगा और जल्द से जल्द इसका इलाज भी करना होगा क्योकि अगर मोतियाबिंद का इलाज नहीं हो पाता है तो आपके रोगी के सामने बड़ी समस्या भी आ सकती है।
मोतियाबिंद का इलाज,

आज के इस आर्टिकल में मैं आँखों से जुडी इस समस्या यानि की मोतियाबिंद की समस्या और इसके लौट घरेलु उपचार लेकर आया हूँ। अगर आपका मोतियाबिंद शुरू ही हुआ है तो आप मोतियाबिंद का घरेलू उपचार भी कर सकते हैं। क्योंकि यह इलाज अभी नहीं बरसों से ऋषियों द्वारा किया जा रहा है। तो चलिए जानते है मोतियाबिंद का घरेलू इलाज

मोतियाबिंद क्यों हो जाता है :


आँखों में आपने एक काला भाग देखा होगा इसी में प्रकृति द्वारा एक लेंस दिया जाता है जिसकी वजह से हम चीज़ों को देख पाते हैं। सूरज की अल्ट्रा वायलेट किरणों की वजह से और प्रदुषण की वजह से यह लेंस धीरे धीरे ख़राब होने लगता है, और आँखों में दिखने वाला काला भाग सफ़ेद दिखने लगता है और हमें साफ़ दिखना बंद हो जाता है।

अगर समय रहते मोतियाबिंद का इलाज नहीं हो पाता है तो यह पकने लगता है, पकने का अर्थ है कि यह अपनी final stage में आ जाता है और इसके  फूटने का डर रहता है। जब यह फुट जाता है तो आँखों में सबलवाई हो जाती है, जिसकी वजह से हमें बहुत ही काम दिखाई देता है और देखने की क्षमता खत्म हो जाती है, इसलिए मोतियाबिंद का जल्दी से जल्दी इलाज कराना चाहिए।

क्या मोतियाबिंद का ऑपरेशन ज़रूरी है:

अगर आँखों में मोतियाबिंद बनना शुरू हुआ है तो इसे दवाओं से सही किया जा सकता है। cataract operation तब ही कराना चाहिए जब cataract control में न आ पाए। homeopathy और Ayurveda में cataract का treatment घर पर ही किया जा सकता है। मोतियाबिंद को सही करने के घरेलू नुस्खों को आजमाकर आप अपना मोतियाबिंद जड़ से खत्म कर सकते हैं। इस आर्टिकल के माध्यम से मैं आपको मोतियाबिंद का घरेलू इलाज बताऊंगा साथ ही मोतियाबिंद का होम्योपैथिक इलाज भी बताऊंगा।

मोतियाबिंद का कारण :


मोतियाबिंद होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन जैसा की मैंने पहले भी बताया कि सूरज की रौशनी के कारण और प्रदुषण के कारण आँखों पर ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है। जिसके कारण से कम उम्र में ही cataract होना शुरू हो जाता है, जो की एक टाइम पहले 60 के बाद ही होता था और काम लोगों को ही होता था। लेकिन विज्ञानं के हिसाब से मोतियाबिंद होने के कई कारण हो सकते हैं।


  • सूरज की U V rays
  • प्रदुषण का प्रकोप
  • चोट लगने के कारण
  • तेज़ रौशनी के कारण
  • धमनी रोग के कारण
  • डायबिटीज के कारण
  • घाव के कारण


मोतियाबिंद का इलाज इन हिंदी:


अगर आपका cataract अभी शुरू ही हुआ है तो आप घरेलू नुस्खों से ही मोतियाबिंद का देसी इलाज घर बैठे कर सकते हैं।

नीम्बू और सफ़ेद प्याज़:

नीम्बू और सफ़ेद प्याज़ की मदद से मोतियाबिंद का इलाज किया जाता है। इसके लिए आपको चाहिए 9 चम्मच छोटी मक्खी का शहद, एक चम्मच सफ़ेद प्याज़, एक चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच अदरक का रस मिलाकर सुबह शाम एक एक बूंद दोनों आँखों में डालें। इससे शुरुआत में होने वाला मोतियाबिंद खत्म होने लगता है।

नीम्बू और सेंधा नमक:

नींबू और सेंधा नमक का प्रयोग मोतियाबिंद हटाने के लिए किया जाता है। एक चम्मच नींबू के रास में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम एक एक बूँद अपनी आँखों में डालें जिससे की आपका मोतियाबिंद सही हो जायेगा।

पालक और गाजर का रस:

पालक 120 ग्राम रस और 300 ग्राम , अब दोनों को आपस में मिलाकर पिएं और ऐसा रोज़ पीते रहने से मितियाबिंद का बढ़ना रुक जाता है। रस पीते रहें और साथ में आँखों में डालने के लिए एक नुस्खे का प्रयोग करें जिससे मोतियाबिंद सही हो सके।

पिसा धनिया:

हरे धनिया को अच्छे से पीस लें और अब इस धनिया को उबले हुए पानी में एक चम्मच डाले। इस पानी की 2 बूँद दोनों आँखों में सुबह शाम डाले। ऐसा करने से मोतियाबिंद का बढ़ना रुक जाता है और धीरे धीरे मोतियाबिंद सही होने लगता है।

शहद :

ऊपर एक नुस्खे में शहद का प्रयोग था लेकिन केवल शहद के प्रयोग से भी बढ़ता हुआ मोतियाबिंद या cataract रोक जा सकता है।

ये तो रहे cataract treatment के घरेलू उपचार, लेकिन इसके साथ आपको अपने खाने को बदलना बगत ज़रूरी है। अगर आप हेल्थी फ़ूड नहीं खाएंगे तो आँखों को पोषण कहा से मिलेगा। इस लिए अपने रोज़ के    नियम में फलों को शामिल करें या जूस पिएँ।

आँखों की रौशनी बढ़ने के लिए शर्दियों में आप एक जूस बना सकते हैं इसको कैसे बनाना है चलिये जानते हैं।

1 आँवला, 1/2 नीम्बू, 2 गाजर, 1/2 चुकंदर, थोड़ी सी अदरक, 8 काली या सफ़ेद मिर्च, काला नमक स्वादानुसार।
सभी के mixer में डालकर अच्छे से मिलाये और बाद में  छानकर पी लें। रोज़ाना पीने से आपको कभी मोतियाबिंद नहीं होगा और आँखों की रोशनी कभी कम नहीं होगी।

Homeopathy For Cataract:

मोतियाबिंद का होमियोपैथी से इलाज करना चाहते हैं तो वो भी जान लीजिए। अगर आप घरेलू नुस्खों को आजमाने नहीं चाहते  हैं तो आप होमियोपैथी से खुद ही मोतियाबिंद का इलाज कर सकते हैं।

Dr Reckeweg ने अपने R1 से लेकर R89 तक ड्राप निकालें हैं जिनकी मदद से आप अपना स्वयं इलाज कर सकते हैं। तो अगर आप cataract के लिए इलाज चाहते हैं तो आपको Reckeweg की R78 लें जिसका पूरा नाम है Eye care drop for oral administration. इसके लिए आपको इस ड्राप को दिन में 3 बार 20-20 बूंद पीना है।

खुद को प्रदुषण और uv rays से बचाएं, healthy food खाएं और आँखों को ठन्डे पानी से धोयें। घरेलू उपचार करें या homeopathy treatment करें।

अगर आपको हमारा यह आर्टिकल मोतियाबिंद का इलाज पसंद आया तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करें जिससे की दूसरों की भी मदद हो सके और ऐसा करने से आपको अच्छा महसूस होगा।
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