बवासीर का इलाज | Bawaseer Ka Ilaj In Hindi

- April 21, 2017
बवासीर एक दर्दनाक रोग है, जो बवासीर की समस्या से गुज़र रहे हैं वही इसको बयां कर सकते हैं। ऐसे ही लोगों के लिए आज मैं बवासीर का इलाज हिंदी में लेकर आया हूँ, मैं बवासीर के घरेलू नुस्खे से इसका उपचार करूंगा। चलिये पहले ये जानते हैं कि आज हम क्या क्या जानेंगे। लेकिन मैं आपसे कहना चाहूंगा कि आप इस article को पूरा पढ़ें पता नहीं कौन सी ज़रूरी बात आप न ओढ़ पाये और आपको piles ka ilaj सही से न पता चल पाये।

  • बवासीर क्या होता है what is hemorrhoid
  • बवासीर के लक्षण Symptoms of piles
  • बवासीर का इलाज Piles Treatment in hindi
  • बवासीर में परहेज क्या करें

बवासीर क्या होता है:


जैसा की हम सभी जानते हैं कि बवासीर एक भयानक बीमारी है, न तो मरीज कुछ कजा सकता है और न ही सही से बैठ सकता है। बवासीर 4 प्रकार का होता है बात पित्त कफ़ और रक्त , लेकिन ज्यादातर आपने बादी बवासीर और खुनी bawaseer सुना होगा। अब दोनो के बारे में अच्छे से जानेंगें।

piles ka ilaj in hindi bawaseer ke lakshan

बादी bawaseer क्या होता है:

जब रोगी को कब्ज की शिकायत होती है तो ऐसे में उसका मल कड़क और सूख जाता है, और जब रोगी मल त्यागने जाता है और ताकत लगाता है तो बवासीर के मस्से बाहर आ जाते हैं, और मस्से लटकने लगते हैं, यही मस्से मल निकलते टाइम दर्द देते हैं और रोगी को भयानक दर्द होता है। इसी लिए bawaseer ka ilaj करना बहुत ज़रूरी हो जाता है।

ख़ूनी बवासीर:

खूनी bawaseer में बादी bawaseer की तरह ही होता है, बस इसमें मस्से बड़े नहीं होते बस कब्ज के कारण कड़क हुआ मल मल द्वार को छील देता है और इनसे खून निकलता है, जब मल बाहर निकालता है तो खून भी साथ ही निकलता है और दर्द भी होता है।

अगर आपको इनमे से किसी भी प्रकार का piles है तो आपके लिए मैं पाइल्स का घरेलू इलाज बताऊंगा, साथ ही आपको पूरी जानकारी मिलेगी की आप पाइल्स में क्या खाएं और क्या नहीं खाये।

बवासीर का कारण :

पाइल्स होने के कई कारण होते हैं, लेकिन कब्ज होना bawaseer का सबसे बड़ा कारण होता है। जब किसी को कब्ज होता है तो वह मल त्याग नहीं करता जिससे पेट में मल पड़ा पड़ा सड़ जाता है और सड़कर सूख जाता है, इसी कारण से पेट में दर्द और मरोड़ हो जाती है। जब व्यक्ति मल त्यागने जाता है तो सूखा मल निकल नहीं पाता और मल निकलने के चक्कर में व्यक्ति ज़ोर से ताकत लगता है और सूखा मल मलद्वार को छील देता है, जिससे इसमें से खून निकलने लगता है।

ऐसा बार बार करने से bawaseer खुनी बबासीर हो जाता है, फिर धीरे धीरे इनमे अंदर की तरफ मस्से निकलने लगते हैं, और कब्ज का इलाज न करने से यही मस्से बड़े हो जाते हैं और बाहर की तरफ आ जाते हैं औ लटकने लगते हैं, इससे मरीज को बैठने में दिक्कत होती है और दर्द होता है। 

ये तो आपने जान लिया की कब्ज की वजह से bawaseer हो जाता है। लेकिन कब्ज क्यों हो जाती है इसका कारण भी जानना बहुत ज़रूरी है क्यों की कब्ज होने का कारण ही bawaseer होने का कारण है।
टाइम से खाना न खाना|
  • ज्यादा मिर्च मसाले खाना
  • एसिडिक nature का खाना खाना
  • शराब पीना
  • Seasonal सब्जियां न खाना
  • Fast food का ज्यादा सेवन करना
  • ज्यादा तला हुआ खाना खाने से
  • गर्मी में ज्यादा चाय और कॉफ़ी पीना
  • ज्यादा बैठे रहने से काम करने पर
  • अधिक सम्भोग करने से
  • ज्यादा उपवास रखने से

बवासीर का इलाज | Bawaseer ka ilaj in hindi :


जैसा की आप जान गए हैं कि पाइल्स या hemorrhoid क्या होता है और इसमें रोगी कितना परेशां हो जाता है। अगर आप piles ka ilaj नहीं करेंगे तो आपको बहुत दिक्कत हो सकती है। इसीलिए आज हम जानेंगे piles का इलाज हिंदी में।

कब्ज पाइल्स का सबसे बड़ा कारण होता है इसी लिए कब्ज का इलाज करना ही पहले किया जाये। त्रिफला का चूर्ण पेट में होने वाली सभी समस्याओं के लिए अचूक इलाज मन गया है। रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी से 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण खाने से कब्ज का प्रॉब्लम दूर हो जाता है। कब्ज दूर होने से पाइल्स में आराम मिलता है।

  • ईसबगोल का नाम आपने सुना होगा नहीं सुना तो किसी भी मेडिकल स्टोर से आप इसे खरीद सकते हैं। 2 बड़े चम्मच इसबगोल को 1/2 कटोरी दही में मिलाकर खाना है, लेकिन ध्यान रहे दही ज्यादा खट्टा न हो। रात को खाना खाने के 1 घंटे बाद ही इसे आपको खाना है। अगर आप दही न मिले तो एक गिलास दूध में मिलाकर भी पी सकते हैं।
  • आँवला पेट को साफ़ करने के लिए सर्वोत्तम है, आंवले का चूर्ण खाने से कब्ज दूर होती है। आपको 5 ग्राम चूर्ण को गुनगुने पानी के साथ लेने से बवासीर में फायदा होता है। bawaseer ka ilaj करने के लिए आपको रोज़ 2 आँवले के मुरब्बे भी खाने चाहिए।
  • रसौत नाम से एक जड़ी बूटी आती है, यह आपको आयुर्वेद के स्टोर पर मिल जायेगी। अब इस रसौत में अजवाइन मिलाना है। रसौत और अजवाइन 100 - 100 ग्राम मिला कर पीस ले और चूर्ण बना ले, अब इसे एक महीन कपडे से छान लें। रोज़ सुबह और शाम को 3 ग्राम चूर्ण का सेवन मट्ठे के साथ करना है। इसके सेवन से खूनी bawaseer में आराम मिलता है।
  • नारियल की जटा bawaseer ke ilaj में अचूक मन जाता है, आप बाजार से एक जटा सहित नारियल ले कर आये, अब इस जटा को जला लें औ इसका चूर्ण बना लें। अब रोज़ 10 ग्राम चूर्ण को पानी के साथ लेना है, इससे खूनी bawaseer में फायदा मिलता है।
  • नागकेसर बाजार से खरीद लें, पिसे हुए नागकेसर में मिश्री और मक्खन मिलकर ले। 5 ग्राम नागकेसर और 10 ग्राम मक्खन में 5 ग्राम मिश्री मिलाये, इससे भी bawaseer में खून आना बंद हो जाता है।
  • पुष्पराज भस्म को किसी आयुर्वेद के स्टोर से ले ले, अब इसमें घी मिलाकर ले, रोज़ाना 1 चम्मच घी में 2 चुटकी पुष्पराज मिलकर लेने से बादी बवासीर को दूर किया जा सकता है।
  •  नागकेसर का चूर्ण आपने बनाना सीख लिया अब अगर आप इसे नाशपाती के मुरब्बे के साथ लेना शुरू करेंगे तो मलद्वार से खून आना बंद हो जाता है।

बवासीर के मस्से का इलाज :


Bawaseer में मस्से हो जाने पर ये लटकने लागए हैं और ये ठीक से बैठेने भी नहीं देते और न ही दर्द के कारण आप कुछ खा नहीं सकते। अगर आप भी इन मस्सो से परेशां हैं तो मैं आपको इन मस्सों का इलाज करना बताऊंगा। piles treatment के साथ पाइल्स के मस्से हटाना भी ज़रूरी है। 

मस्से हटाने के लिए बाजार में बहुत से तेल मिलते हैं लेकिन मैं आपको घर पर ही यह तेल बनाना बताऊंगा। यह तेल लगाने से bawaseer ke masse झड़ जाते हैं आपको इस तेल को 2 से 3 महीने तक लगाना है।

कासिसादी तेल :

कासिसादी का तेल बनाने के लिए बहुत सी औषधियों की ज़रुरत होती है, लेकिन आयुर्वेद आचार्यों के हिसाब से यह तेल मस्सों को खत्म कर देता है, इसको लगाने से मस्से झड़कर गिर जाते है । चलिये बनाते हैं बवासीर के मस्सों के लिए तेल।

सामिग्री :

कासीस  -  15 ग्राम                   कलिहारी - 15 ग्राम
कूठ -       15 ग्राम                    सोंठ -  15 ग्राम
अडूसे के पत्ते - 15 ग्राम        कनेर की छाल - 15 ग्राम
बायविडंग -       15 ग्राम              दंतीमूल - 15 ग्राम
सेंधा नमक -     15 ग्राम               पीपल - 15 ग्राम
हरताल -       15 ग्राम                  मैनसिल - 15 ग्राम
कड़वी तोरी के बीज - 15 ग्राम     
थूहर का दूध -   90 ml             आक का दूध - 90 ml
गौमूत्र -  3 लीटर      काले तिल का तेल - 750 ml      

बनाने की विधि:

सबसे पहले थूहर का दूध और आक का दूध गौमूत्र और तिल का तेल छोड़कर बाकी सभी सामिग्री को पीस लें और ठोस पानी मिलाकर लुगदी तैयार कर लें।

अब आपको थूहर का दूध, आक का दूध, तिल का तेल और गौमूत्र के साथ में लुगदी को मिलाकर तब तक गर्म करें की इसमें पानी नाम की कोई भी वस्तु न रहे। जब केवल तेल ही रह जाये तो कढ़ाई को उतार लें और ठंडा करके एक बर्तन में कर लें।

लगाने की विधि:

बवासीर के मस्सों में कासिसादी तेल सुबह और रात को सोने से पहले लगाना है। सुबह नहाने के बाद रुई के फाहे से केवल मस्सों पर तेल लगाएं। रोज़ 3 महीने तक लगाने से मस्से और बवासीर जड़ से खत्म हो जाता है।

परहेज : बवासीर में क्या खाएं-

दरअसल पाइल्स दूर करने के लिए सबसे अहम बात है कि कब्ज न होने पाए, इसलिए आपको ऐसा खाना खाना है कि जिससे कब्ज की शिकायत न हो । चलिये जानते हैं आप क्या नहीं खा सकते हैं और क्या नहीं खा सकते हैं।


  1. मोटा अनाज जैसे दलिया, मक्का, बाजरा खाएं।
  2. ज्यादा फाइबर वाला खाना खाएं
  3. महीन आटा न खाए जैसे मैदा, केवल गेहूं का आटा ही खाएं।
  4. बासी खाना न खाएं
  5. अधिक तला हुआ खाना बिलकुल मना है।
  6. ज्यादा चिकनाई की चीजें न खाए।
  7. मसाले वाला खाना खाना बिलकुल मना है।
  8. पिज़्ज़ा बर्गर जैसे फ़ास्ट फ़ूड कम खाएं।
  9. रात को चना, मूंग दाल या गेंहू भिगा दें और सुबह खा ले, अगर आपको उबालकर खाना अच्छा लगता है तो उबालकर खाएं।
  10. हरी सब्जियां खाएं

अगर मस्सों में दर्द ज्यादा है या खून ज्यादा निकल रहा है और खाना खाने से डर लग रहा है तो तरल चीज़ खाएं, जूस, शेक, पानी, लस्सी, ग्लुकोज़ लें। मल को नरम करने के लिए stool softner का use करें , जिससे piles में दर्द न हो।

Piles का homeopathic treatment :

बहुत से लोगों को मैंने देखा है, बीमारी कितनी भी बड़ी क्यों न हो लेकिन दवाईयां आराम वाली और tasty होनी चाहिए। तक अगर आपको homeopathy से बबवासीर का इलाज करना है तो आप reckeweg की R 13 दिन में 3 बार 12 से 15 ड्राप 10 ml पानी के साथ लेना है। अगर समस्या ज्यादा है तो दिन में 5 से 6 बार लें। खाना खाने के 20 मिनट के बाद आपको इसे लेना है।

खुनी बवासीर होने पर R 31 भी साथ में लें, इसकी भी 10 से 15 बूँद 10 ml पानी में 4 बार लें। यह शरीर में खून की कमी को पूरा करेगा।

अगर आपको यह दवाई न मिले तो आप इसे ऑनलाइन भी order कर सकते हैं और 3 दिन में दवाई आपके घर आ जायेगी। 

अगर आपको लगता है की आपको इस article से ज़रा भी मदद मिली है तो आप इसे अपने सत्यों आयर सगे संबधियों के साथ शेयर ज़रूर करें, अगर आप किसी की मदद करेंगे तो आपको तो अच्छा महसूस होगा ही साथ ही जो इसे पढ़ेगा उसको भी मदद मिलेगी|
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